पिछले कुछ वर्षों में बच्चों में जंकफूड के कारण मोटापे, डायबिटीज जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं ।जंकफूड में शामिल प्रिजर्वेटिव लाेगाें खासकर बच्चों को इसका आदी बनाता है। जिससे वे इसे बार-बार खाने की जिद करते हैं। इससे उनका पेट तो भर जाता है लेकिन प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम व मिनरल्स की कमी के साथ नमक व चीनी की अधिकता शरीर में हो जाती है। इससे उनमें हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, तनाव, अनिद्रा, हड्डियों के रोग व हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है।
जंक फूड
चिप्स, कोल्डड्रिंक, पिज्जा, बर्गर आदि के साथ, प्रोटीन, विटामिन व मिनरल्स की कमी वाले पदार्थों साथ ही नमक और शुगर की अधिकता वाले पदार्थों को जंक फूड की श्रेणी में रखा है।
समोसे व पकौड़े भी नुकसानदेह :
तेल को बार-बार गर्म करने पर वह ट्रांसफैट में बदल जाता है जो बच्चों में बीमारियों का एक बड़ा कारण है। समोसे, पकौड़े, टिक्की व वड़ापाव जैसी चीजों को जंक फूड में शामिल नहीं किया जाता है। जबकि जंकफूड के साथ इनमें भी ट्रांसफैटयुक्त तेल प्रयोग किया जाता है। ये भी सेहत को जंकफूड की तरह ही नुकसान पहुंचाते हैं।
ये उपाय अपनाएं :
बच्चों को इन्हें न खाने के लिए जागरूक करें। कम से कम हफ्ते में छह दिन उन्हें घर का बना खाना दें। खाने में हरी सब्जियां, फल, जूस, सूप व अंकुरित अनाज आदि को शामिल करें। बाहर की चीजों को घर में बनाएं व उतने ही तेल का प्रयोग करें जो एक बार में इस्तेमाल हो जाए।
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