बदलते मौसम में एलर्जी की दिक्कत बढ़ जाती है। सर्दी की शुरुआत व अंत में संक्रमण, एलर्जी की दिक्कत ज्यादा होती है। इस समय दिन का तापमान ज्यादा व रात का कम होता है। इस तापमान में बैक्टीरिया व वायरस तेजी से बढ़ते हैं। फूलों के परागकण भी एलर्जी का बड़ा कारण है। इससे छींक आना, लाल चकत्ते, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनको दिक्कत ज्यादा होती है। युवाओं के मुकाबले बच्चों व अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा होती है।
रोग प्रतिरोधक तंत्र संवेदनशील हो जाता
कभी-कभी शरीर धूल, धुआं, परफ्यूम, किसी खास तरह की खुशबू, दवा आदि को लेकर संवेदनशील हो जाता है। रोग प्रतिरोधक तंत्र इसे स्वीकार नहीं करता है। इसकी प्रतिक्रिया त्वचा पर सबसे पहले दिखती है। त्वचा पर लाल चकत्ते, सांस तेज चलना, बुखार आना प्रमुख लक्षण हैं। धूल में मौजूद सूक्ष्मजीवी एलर्जी का कारण बनते हैं जिससे छींक, आंख व नाक से पानी आता है।
डॉ. सी.एल.नवल, सीनियर फिजिशियन, सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर
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