छोटे बच्चों में कैविटी (कीड़ा लगना), दांतों में सड़न व पीलापन या काला पड़ने की समस्या आजकल सामान्य रूप से देखने को मिलती है। इसका प्रमुख कारण उनका बदलता खानपान व दांतों की सही तरह से देखभाल न करना है। आइए जानते हैं इसके बारे में :-
दो साल से कम उम्र पर
बच्चों के दांत निकलने की शुरुआत 6-8 महीने के बीच होने लगती है। जब बच्चे का पहला दांत निकले तभी दूध आदि देने के बाद उसके दांतों को साफ व मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे साफ करना चाहिए।कई बार इस उम्र के बच्चों के दांतों में पीलापन या कालापन बोतल का अधिक प्रयोग करने से भी हो जाता है इसलिए बोतल का प्रयोग कम करें। माता-पिता इस बात का खयाल रखें कि बच्चा रात में दूध की बोतल मुंह में दबाकर न सोए।
3-11 वर्ष के बच्चे
तीन वर्ष की उम्र से बच्चों को ब्रश करने की आदत डलवाएं और सुबह-शाम दो बार ब्रश कराएं। साथ ही बच्चों को अधिक मात्रा में टूथपेस्ट न लेने के लिए समझाएं।
6-11 साल की उम्र
बच्चों में कैविटी की समस्या सबसे ज्यादा 6-11 साल की उम्र में होती है। इसकी वजह कई बार गलत खानपान भी होता है। इसलिए माता-पिता बच्चों को घर का बना भोजन दें। चिप्स, कोल्डड्रिंक, चॉकलेट व जंक फूड कम से कम खिलाएं।
कई बार अभिभावक बच्चों के दूध के दांतों में कैविटी की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा करने से तकलीफ जड़ों तक पहुंचकर भविष्य में स्थायी दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
सुझाव
- स्थायी दांत यदि टेढ़े आएं तो डॉक्टर की सलाह लें।
- प्लाक की समस्या या सडऩ से बचने के लिए दांतों के बीच में फ्लास डालकर सफाई करें।
- मीठा खाने के बाद बच्चों को ब्रश या कुल्ला करने के लिए कहें क्योंकि गलत आदत बनीं रहने से कैविटी की समस्या का खतरा रहता है।
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