अभिनेता नाना पाटेकर ने गुरुवार को अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा लगाए गए यौन उत्पीडऩ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। तनुश्री द्वारा एक दशक बाद इस सप्ताह फिर से लगाए गए आरोपों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए नाना ने 'मिरर नाउ' से कहा, 'आप मुझे बताइए कि एक व्यक्ति के कुछ कहने पर मैं क्या कर सकता हूं? यौन उत्पीडऩ से क्या मतलब है?'
तनुश्री ने 2008 में 'हॉर्न ओके प्लीज' की शूटिंग के दौरान नाना के खिलाफ पहली बार आरोप लगाए थे और हाल ही में उन्होंने एक साक्षात्कार में फिर से नाना पर आरोप लगाए हैं। नाना ने मिरर नाउ से कहा, ''हम सेट पर थे और उस वक्त 200 लोग हमारे सामने बैठे हुए थे। मैं क्या कह सकता हूं?'
उठाएंगे कानूनी कदम
क्या वह कोई कानूनी कदम उठाएंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा, ''मैं देखूंगा कि कानूनी तौर पर क्या हो सकता है। देखते हैं। आपके (मीडिया के) साथ बात करना भी गलत/अनुचित होगा क्योंकि आप कुछ भी छाप सकते हैं।'
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता का एक अलग चेहरा होने के आरोप के सवाल पर नाना ने कहा, 'लोग कुछ भी कह सकते हैं। मैं अपनी जिंदगी में वो काम करना जारी रखूंगा, जो मैं करता रहा हूं।'
10 साल पुराने वाकये का किया जिक्र:
तनुश्री ने जूम टीवी को दिए एक साक्षात्कार में नाना पाटेकर पर ये आरोप लगाए हैं। अभिनेत्री ने #Metoo कैंपेन के तहत अपनी आपबीती बयां की है। तनुश्री ने 10 साल पुरानी एक फिल्म के दौरान के किस्से का जिक्र किय। उन्होंने कहा कि 2008 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने मेरी बांह पकड़कर जबरदस्ती खींचा। तनुश्री ने इंटरव्यू में बताया कि 'नाना पाटेकर सेट पर मेरे साथ इंटीमेट सीक्वेंस करना चाहते थे। जबकि स्क्रिप्ट या कॉन्ट्रैक्ट में इस तरह का कोई सीन नहीं था। उसने मेरी बांह पकड़ी और धक्का दिया। ये सब गाने का हिस्सा नहीं था, लेकिन फिर भी उसने ये सब किया।'
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