इस धातु को धारण करने से शांत होते हैं शनिदेव, जीवन में आती है सुख-समृद्धि - My Breaking News

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Sunday, 30 September 2018

इस धातु को धारण करने से शांत होते हैं शनिदेव, जीवन में आती है सुख-समृद्धि

शनिदेव को लोहे से बनी धातु की चीजें बहुत प्रिय होती है। शनि की दशा या साढ़े साती होने पर भी इसका प्रयोग किया जाता है। वैसे तो किसी भी घोड़े की नाल बहुत प्रभावशाली होती है लेकिन यदि काले घोड़े के अगले दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो यह कई गुना अधिक प्रभावशाली हो जाती है। जिस किसी की कुंडली में शनि की महादशा और अन्तर्दशा चल रही हो उसे तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, धातुओं और ग्रहों का आपस में बहुत गहरा संबंध होता है। यदि ग्रह विपरीत हो, तो व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक असर होता है। ग्रह संबंधी धातु धारण करने से यह शांत हो जाते हैं।

 

ghode ki naal

ऐसी होती है काले घोड़े की नाल

काले घोड़े की नाल का आकार अंग्रेजी के U अक्षर के जैसा होता है। यह मजबूत लोहे की बनी होती है। इसका प्रमुख कार्य घोड़े के पैर को सुरक्षा प्रदान करना है। साथ ही कहा जाता है कि जिस तरह घोड़े की नाल घोड़े के पैर की सुरक्षा करती है उसी तरह यह घर की भी सुरक्षा करती है। यही कारण है कि लोग इसे अपने मुख्य द्वार पर लगाते हैं। और इसके लगाने से घर में किसी प्रकार की नाकारात्मक उर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है।

 

ghode ki naal

शनि के दुष्प्रभवों से बचने के लिए पहनें छल्ला

घोड़े की नाल के छल्ले का उपयोग हर क्षेत्र में बहुत ही शुभ माना जाता है। सामान्यतया इसका प्रयोग शनि के दुष्प्रभावों और बुरी आत्माओं से बचने के लिए किया जाता है। इसलिए इसे शनि का छल्ला भी कहा जाता है। इसे दाहिने हाथ की माध्यम अंगुली में धारण करना अच्छा माना जाता है। क्योंकि इसी उंगली के नीचे शनि पर्वत होता है। जो व्यक्ति इसे धारण करता है उसके जीवन में सुख संपत्ति और समृद्धि आती है।

शनिदेव के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु लोहा धारण किया जाता है, लेकिन यह लौह मुद्रिका सामान्य लोहे की नहीं बनाई जाती। काले घोडे की नाल, जो नाल खुद ही घोडे के पैरों से निकल गई हों, उस नाल को शनिवार को सिद्ध योग में प्राप्त कर उपयोग करना चाहिए। व्यवसाय में तरक्की के लिए घोडे की नाल को शनिवार को प्राप्त कर, उसका शुद्धिकरण करके व्यापारिक प्रतिष्ठान में ऐसी जगह लगाया जाता है। जहां से प्रत्येक ग्राहक को वह स्पष्ट दिखाई दे। नाल को इस प्रकार लगाया जाता है कि उसका खुला भाग ऊपर की ओर रहे।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2QouWsz

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages