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Tuesday, 2 October 2018

नवरात्रि में देवी आराधना करते समय लेकिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान, भूलकर भी ना करें ये गलतियां

शारदीय नवरात्रि 10 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली है। नवरात्रि में देवी मां दुर्गा की पूजा-आराधना की जाती है और नवरात्रि के दौरान की गई देवी की आराधना विशेष फलदायी होती है। नवरात्रि का पर्व पूरे 9 दिनों तक मनाया जाता है इस दौरान देवी दुर्गा के सभी रुपों की आराधना होती है। इस विशेष पर्व में महाकाली, महालक्ष्मी और मां सरस्वती की साधना करके जीवन के संपूर्ण सुख प्राप्त किए जा सकते हैं। वहीं देवी इन दिनों प्रसन्न होकर मनचाही इच्छा पूरी का आशीर्वाद प्रदान करती है। सच्चे मन से की गई पूजा कभी खाली नहीं जाती, मां सभी की झोली खुशियों से भर देतीं हैं। लेकिन पूजा में की गई गलतियां व्यक्ति के लिए बेहद अशुभ भी हो सकती है। इसलिए देवी आराधना करते समय कुछ विशेष सावधानियां रखनी बहुत ही जरुरी होती हैं, आइए जानते है देवी पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...

 

navratri

अपने घर के पूजा स्थान में भगवती दुर्गा, भगवती लक्ष्मी और मां सरस्वती के चित्रों की स्थापना करके उनको फूलों से सजाकर पूजन करें। नौ दिनों तक माता का व्रत रखें। अगर शक्ति न हो तो पहले, चौथे और आठवें दिन का उपवास अवश्य करें। मां भगवती की कृपा जरूर प्राप्त होगी। इसके साथ ही नौ दिनों तक घर में मां दुर्गा के नाम की ज्योत जलाएं और अधिक से अधिक नवार्ण मंत्र- 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' का जाप करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

1. मां दुर्गा को तुलसी दल और दूर्वा चढ़ाना निषिद्ध है।
2. पूजन में हमेशा लाल रंग के आसन का उपयोग करना उत्तम होता है। आसन लाल रंग का और ऊनी होना चाहिए।
3. लाल रंग का आसन न होने पर कंबल का आसन इतनी मात्रा में बिछाकर उस पर लाल रंग का दूसरा कपड़ा डालकर उस पर बैठकर पूजन करना चाहिए।
4. पूजा पूरी होने के पश्‍चात आसन को प्रणाम करके लपेटकर सुरक्षित जगह पर रख दीजिए।
5. पूजा के समय लाल वस्त्र पहनना शुभ होता है। लाल कपड़ों से आपको एक विशेष ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
6. लाल रंग का तिलक भी जरूर लगाएं।
7. मां को प्रात: काल के समय शहद मिला दूध अर्पित करें। पूजन के पास इसे ग्रहण करने से आत्मा व शरीर को बल प्राप्ति होती है। यह एक उत्तम उपाय है।
8. आखिरी दिन घर में रखीं पुस्तकें, वाद्य यंत्रों, कलम आदि की पूजा अवश्य करें।
9. अष्‍टमी व नवमी के दिन कन्या पूजन करके उन्हें अपनी श्रद्धानुसार कुछ न कुछ भेंट अवश्‍य दें।



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