होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं, होलाष्टक फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक रहता है, इस समय कोई भी शुभ कार्य करने की शास्त्रोंक्त मनाही है । ऐसा माना जाता है कि इन 7 दिनों में सभी नवग्रहों का स्वभाव अत्यधिक गुस्से वाला हो जाता है । ऐसी मान्यता है की होलाष्टक की शुरुआत से ही प्रकृति में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बहुत तेजी से होने लगता है । इस समय होलिका दहन के लिए लकड़ियां एकत्रित की जाती है । इस साल 2019 में होलाष्टक के साथ मीन संक्रांति भी है इसलिए खरमास भी लग रहा है जो 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल 2019 तक रहेगा ।
कहा जाता है कि फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ही कामदेव को शिवजी ने भस्म किया था, और आठ दिन बाद उनके पुनर्जीवन का आशीर्वाद प्राप्त हुआ । होलाष्टक में इन कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए ।
1- खर मास शुरू होने की वजह से इस दौरान 14 अप्रैल तक विवाह, मुंडन, ग्रहप्रवेश या अन्य शुभ कार्यों को करना निषेध माना जाता हैं ।
2- होलाष्टक पर नए घर का निर्माण और विवाह जैसे शुभ कार्य ना करें, ऐसा करने से घर में हमेशा कलह-क्लेश और विवाह के टूटने के आसार हो जाते हैं ।
3- होलाष्टक पर नए व्यापार की शुरुआत भी ना करें, इससे व्यापार में अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है ।
4- होलाष्टक पर नए वस्त्र आभूषण खरीदने से भी बचना चाहिए, ऐसा करने से चोरी होने की आशंका बढ़ जाती है ।
5- होलाष्टक के दौरान नया वाहन भी खरीदने से बचें, अन्यथा वाहन के अंदर बार-बार खराबी आ सकती है ।

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2HoVucE
No comments:
Post a Comment