अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' बॉक्स आॅफिस पर शानदार कमाई कर रही है। पहले ही दिन फिल्म ने 21 करोड़ रुपए से अधिक का कलेक्शन किया। अब तक तीन दिनों में यह फिल्म करीब 57 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर चुकी है। बता दें कि फिल्म 'केसरी' सारागढ़ी की लड़ाई पर आधारित है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जानकारों का कहना है कि 21 सिख जवानों की 10 हजार हमलावरों से जंग की इस कहानी को बहुत हद तक फिल्मी या काल्पनिक बना दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस फिल्म में कुछ चीजें गलत दिखाई गई हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में
अकेले नहीं गए थे ईशर सिंह:
फिल्म में अक्षय कुमार ने हवलदार ईशर सिंह का किरदार निभाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सारागढ़ी पर रिसर्च कर चुके कैप्टन जय सिंह सोहल का कहना है कि हवलदार ईशर सिंह को कभी भी उस जगह पर अकेले भेजा ही नहीं गया था, जैसा कि फिल्म में दिखाया गया है। सोहल का कहना है कि पूरी 36 सिख रेजीमेंट को उत्तर पश्चिमी फ्रंट पर जाने का आदेश मिला था। ईशर सिंह अपनी पूरी टीम के साथ वहां गए थे।
पगड़ी का रंग:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोहल का कहना है कि पगड़ी भी बाकी पोशाक की तरह खाकी रंग की हुआ करती थी। जबकि अक्षय कुमार ने फिल्म में केसरी रंग की पगड़ी पहनी है। सोहल का कहना है कि वहां केसरी पगड़ी पहनने की कोई गुंजाइश ही नहीं थी, केसरी तो खालसा का रंग है।
डायलॉग और बातचीत:
फिल्म में दिखाया गया है कि सारागढ़ी पोस्ट पर जंग से पहले इलाकाई लोगों के लिए मस्जिद बनाए जाने और जंग के बीच में हमलावरों के साथ बातचीत होती है। जबकि रिपोर्ट के अनुसार यह चीज फिल्म में फर्जी दिखाई गई है यह कल्पना मात्र है। रिपोर्ट के अनुसार जवानों के पास इतना वक्त ही नहीं था कि वे जाकर मस्जिदें बनाते, उन्हें और कई बड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं जो उन्हें पूरी करनी थी।
पठानों से बातचीत:
फिल्म में अक्षय कुमार और बाकी सिख जवानों को पठानों से बातचीत करते दिखाया गया है जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि जवानों को पठानों से बातचीत की इजाजत की नहीं थी।
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