मुंबई को सपनों की नगरी कहा जाता है। बॉलीवुड में आए दिन कोई न कोई नया चेहरा सामने आता है जो इस इंडस्ट्री का हिस्सा बनाना चाहता है। वहीं इंडस्ट्री में ऐसे कई सितारे चमके जो समय के साथ-साथ गुमनामी में खो भी गए। कुछ ऐसा ही कहानी है 49 वर्षीय अभिनेत्री अनु अग्रवाल के की। पूरी दुनिया को 'आशिकी' सिखाने वाली ये एक्ट्रेस आज किस हालात में है ये कोई नहीं जानता। शोहरत की बुलंदी से गुमनामी तक का उनका सफर बहुत ही दर्दनाक है। इस दर्दनाक सफर में भी अनु ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उनकी ये लड़ाई हमें इंस्पायर भी करती है!
‘आशिकी’ ने सिखाया प्यार करने का एक नया स्टाइल:
अनु अग्रवाल ने बॉलीवुड में महेश भट्ट की फिल्म 'आशिकी' से डेब्यू किया था। कहा जाता है कि 1990 में आई इस फिल्म ने लोगों को प्यार करने का एक नया स्टाइल सिखाया था। इस फिल्म के गानों को आज भी बेड़ी दिलचस्पी के साथ सुना जाता है। आइए जानते हैं उस जमाने की सुपरहिट एक्ट्रेस अनु अग्रवाल आज कैसी दिखती हैं, क्या कर रही हैं।
भयानक सड़क हादसे का हुईं शिकार:
11 जनवरी 1969 को दिल्ली में पैदा हुई अनु की लाइफ में बड़ा तूफान उस वक्त आया जब वह 1999 में वो एक भयंकर सड़क हादसे की शिकार हो गयीं। इस हादसे ने न सिर्फ उनकी याददाश्त को प्रभावित किया, बल्कि वह पैरालाइज्ड भी हो गईं थीं जिसकी वजह से वह चल फिर नहीं सकती थीं। 29 दिनों तक कोमा में रहने के बाद जब अनु होश में आईं, तो वह खुद को पूरी तरह से भूल चुकी थीं। वहीं उनका इलाज 3 सालों तक चला। इसके बाद उन्हें अपनी कुछ बातें याद आने लगी। जब वह खुद को पहचान पाईं तक उन्होंने एक बहुत बड़ा फैसला किया और वो ये था कि उन्होंने अपनी सारी संपत्ति दान करके संन्यास की राह चुन ली।
अपनी आत्मकथा को लेकर रहीं चर्चा में:
बता दें कि इसके बाद अनु साल 2015 में अपनी आत्मकथा 'अनयूजवल: मेमोइर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड' को लेकर काफी सुर्खियों में रही थीं। इस किताब में उन्होंने अपने जीवन के हर पहलुओं का जिक्र किया। उन्होंने अपने जीवन और अध्यात्म की बातों से लेकर अपने रिलेशनशिप तक के बारे में विस्तार से लिखा है। उनके मुताबिक यह आत्मकथा उस लड़की की कहानी है जिसकी जिंदगी कई टुकड़ों में बंटी और बाद में उसने खुद ही उन टुकड़ों को एक कहानी की तरह जोड़ा है।
इन फिल्मों में आईं नजर:
'आशिकी' के अलावा अनु ने 'गजब तमाशा’, ‘खलनायिका’, ‘किंग अंकल’, ‘कन्यादान’ और ‘रिटर्न टू ज्वेल थीफ’ जैसी फिल्मों में काम किया। लेकिन ये फिल्म फ्लॉप रहीं। उन्होंने एक तमिल फिल्म ‘थिरुदा-थिरुदा’ में भी काम किया। उसके बाद अनु ने एक शॉर्ट फिल्म ‘द क्लाऊड डोर’ में भी काम किया।
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