इन दिनों वायरल इंफेक्शन के जरिए फैलने वाली बीमारियों में सबसे ज्यादा खतरनाक बीमारियां तीन मानी जाती है, (1) मलेरिया, (2) डेंगू तथा (3) चिकनगुनिया। इन तीनों के ही लक्षण काफी हद तक मिलते जुलते होते हैं परन्तु उनके फैलने का कारण अलग-अलग तरह के वायरस होते हैं।
चिकनगुनिया का फैलाव
एडिस मच्छर के काटने से फैलने वाली चिकनगुनिया बीमारी संक्रामक बीमारी नहीं है वरन केवल तभी फैलती है जब संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ मनुष्य को काट लें। वर्ष 1953 में पहली बार चिकनगुनिया का मामला तंजानिया में पाया गया था, धीरे-धीरे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैलते हुए आज यह एशिया के लगभग अधिकतर देशों में फैल चुका है।
चिकनगुनिया के लक्षण
इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 2 दिन से दो हफ्ते के बीच दिखाई देने लगते हैं। इसके लक्षण काफी हद तक वायरल इंफेक्शन, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से मिलते जुलते होते हैं। ये निम्न प्रकार होते हैं-
- तेज बुखार होना। कई बार संक्रमित व्यक्ति को 102 डिग्री तक बुखार हो जाता है जो दो दिन से 7 दिन तक रह सकता है। बीच बीच में कंपकपी जैसी ठंड महसूस होती है।
- पैर, हाथ, कलाई तथा शरीर के जोड़ों में तेज दर्द होना और सूजन आ जाना।
- तेज सिरदर्द होना तथा पूरे शरीर में थकान बनी रहना।
- गले में खराश होना
- पीठ में दर्द बने रहना।
चिकनगुनिया का इलाज
वर्तमान में चिकनगुनिया को कोई पुख्ता इलाज नहीं है वरन डॉक्टर की सलाह तथा उनके द्वारा दी गई एंटीबॉयोटिक्स के प्रयोग से इस बीमारी से निजात पाई जा सकती है। इसके अलावा भी कुछ बातें ऐसी है जिनका ध्यान रखना जरूरी है।
- चिकनगुनिया के मरीज को डिहाईड्रेशन से बचाए। दिनभर उसे नारियल पानी, जूस, लिक्विड आदि पिलाते रहें।
- चिकनगुनिया में मरीज को अत्यधिक शारीरिक कमजोरी आ जाती है, अतः संतुलित तथा पौष्टिक भोजन करें। साथ ही आराम करें।
- नियमित रूप से दवाई लेते रहें।
- ठीक होने के बाद हल्का-फुल्का व्यायाम शुरु कर दें। इससे जोड़ों के दर्द में जल्दी आराम आएगा।
चिकनगुनिया से लड़ने के लिए कुछ घरेलू उपाय
चिकनगुनिया की बीमारी से लड़ने में कुछ आसान से घरेलू उपाय भी आपकी बहुत मदद कर सकते हैं। जानिए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में
- इस बीमारी में तुलसी के पत्ते की चाय पीएं। इससे शरीर की इम्यूनिटी पॉवर मजबूत होती है और शरीर जल्दी स्वस्थ होता है।
- पपीते के पत्तों का जूस पीने से भी चिकनगुनिया में आराम मिलता है। इससे शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है और बीमारी फैलाने वाले वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ती है।
- आयुर्वेदिक औषधि गिलोय का जूस पीना भी इस बीमारी को दूर रखता है। यदि गिलोय न मिल सके तो नीम के कुछ कच्चे पत्ते रोज सुबह खाने से भी इम्यूनिटी पॉवर बढ़ती है।
चिकनगुनिया से बचाव
चिकनगुनिया से बचाव इतना कठिन भी नहीं है। घर में तथा घर के आस-पास सफाई रख कर आप न केवल चिकनगुनिया वरन डेंगू, मलेरिया तथा अन्य इंफेक्शन से फैलने वाली बीमारियों से भी खुद को बचा सकते हैं।
- सदैव पूरा शरीर ढकने वाले कपड़े पहनें।
- अपने घर अथवा घर के आस-पास पानी को जमा नहीं होने दें।
- यूकेलिप्टस तेल का मच्छरों के रोकथाम के लिए इस्तमाल करें।
- मच्छरों को मारने वाले स्प्रे का प्रयोग करें।
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