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Friday, 21 September 2018

गुरु ग्रह करेंगे वृश्चिक राशि में प्रवेश, इन राशि वाले जातकों के विवाह में बनेंगे बाधक

गुरुदेव बृहस्पति को सभी ग्रहों में प्रधान माना जाता है। गुरु एक राशि में तेरह महीने तक रहते हैं। गुरु पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी है। गुरु ग्रह का एक राशि में तेरह महीने का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। वहीं अब गुरु ग्रह इस साल 11 अक्टूबर को शाम 7.20 मिनट पर तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के अनुसार वृश्चिक राशि मंगल की राशि है और मंगल गुरु के मित्र ग्रह माने जाते हैं। गुरु के इस राशि परिवर्तन से स्त्री जातकों के विवाह में त्रिबल शुद्धि हेतु गुरु बल में गुरु का राशि परिवर्तन विशेष महत्व रखता है। इसलिए शास्त्रों के अनुसार त्रिबल शुद्धि में गुरु के अपूज्य स्थिति में होने पर स्त्री जातक का विवाह वर्जित माना जाता है और पूज्य स्थानों पर गुरु की शांति के बाद स्त्री का विवाह किया जा सकता है।

गुरु ग्रह धनु व मीन राशि के स्वामी हैं। कर्क राशि में गुरु उच्च के एवं मकर राशि में गुरु नीचराशिस्थ होते हैं। स्त्री जातकों की जन्मपत्रिका में गुरु की स्थिति अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है। गुरु स्त्री जातकों के लिए पति का नैसर्गिक कारक होते हैं। स्त्री जातकों को पतिसुख प्राप्त होने में गुरु की विशेष भूमिका होती है। यदि किसी स्त्री जातक की कुंडली में गुरु अस्त, वक्री, निर्बल या अशुभ भावों में स्थित होते हैं तो उसे पतिसुख प्राप्त होने में बाधाएं आती हैं। गुरु बुद्धि व विवेक के भी प्रतिनिधि होते हैं। जन्मपत्रिका में सबल गुरु का होना विद्वत्ता व बुद्धिमत्ता का द्योतक होता है।

 

guru grah

किन राशि वाले जातकों के विवाह में बाधक बनेंगे गुरु

जिन स्त्री जातकों की राशि से गुरु अपूज्य स्थान है मतलब यदि आपकी राशि में गुरु 4,8,12 में गोचर करेंगे उन स्त्री जातकों का विवाह एक साल के लिए वर्जित हो जाएगा लेकिन इस जिन स्त्री जातकों की राशि से गुरु पूज्य स्थान यानी की 1,3,6,10 में गोचर करेंगे उनका विवाह गुरु शांति यानी पीली पूजा के बाद करवा सकते हैं। बाकी राशि वाले जातकों के लिए गुरु शुभ फलदाई रहेंगे। आइए जानते हैं किन राशि वाली स्त्रियों के लिए अशुभ अर्थात विवाह में बाधक रहेंगे गुरुदेव....

1. अपूज्य- मेष, सिंह, धनु (विवाह वर्जित)
2. पूज्य- मिथुन, कन्या, वृश्चिक, कुंभ (गुरु की शांति के उपरांत विवाह)



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