एलर्जी की समस्या बढ़ती जा रही है। कुछ लोग पता ही नहीं लगा पाते कि उन्हें किस कारण से एलर्जी की समस्या हो रही है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि घर का वातावरण बाहर की तुलना में अच्छा रहता है और बाहर के वातारण में मौजूद हानिकारक तत्व ही एलर्जी को बढ़ावा देते हैं। जबकि सच्चाई यह भी है कि कई बार घर के अंदर की हवा भी बाहर की तुलना में पांच गुना ज्यादा प्रदूषित हो सकती है।
वेंटिलेशन फैन का फायदा -
घर के बाथरूम में वेंटिलेशन फैन हो तो अच्छा रहेगा। लेकिन इसके अलावा बाथरूम में एक रोशनदान की व्यवस्था करके भी हवा की आवाजाही बनाई जा सकती है। बाथरूम आदि को रोजाना साफ करें। घर का हर सदस्य यह जिम्मेदारी समझे कि बाथरूम के प्रयोग के बाद वाइपर से सारे पानी को पोंछ दें ताकि किसी के पैर आदि फिसलने का भी डर न रहे और साफ-सफाई भी बनी रहे। बाल्टी, मग आदि को भी हफ्ते में एक बार अच्छी तरह धोएं।
बैडरूम भी हो साफ-सुथरा -
सप्ताह में एक बार सारी चादरों को गर्म पानी में धोएं और उन्हें वॉशिंग के ड्रायर से सुखाकर ही संतुष्ट न हों। चादरों में डस्ट माइट्स और हमारे शरीर के मृत कण आदि होते हैं जो तेज धूप से ही दूर हो पाते हैं। इसके अलावा आपका पालतू जानवर कितना भी प्यारा क्यों न हो, उसे बैडरूम में न आने दें वर्ना एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है। पायदान आदि को नियमित रूप से झाड़ें और हफ्ते में एक बार पानी से धोकर तेज धूप में सुखा लेना चाहिए।
फ्रिज की करें नियमित सफाई -
कई बार पाइप से टपकने वाली पानी की बूंदों से फफूंद हो जाती है। वर्ष 2010 में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक स्टडी के मुताबिक जो लोग अस्थमा की समस्या से परेशान रहते हैं, उन्हें सीलनभरे मकान में अटैक भी आ सकता है। इसलिए रेफ्रिजरेटर की भी नियमित रूप से सफाई की जानी चाहिए। आप इसे साफ नहीं करेंगे तो दरवाजों में नमी और फफूंद पैदा हो सकती है जो एलर्जी बढा़ सकती है।
छोटी-छोटी बातें हैं काम की -
घर में पोछा लगाने के बाद उस कपड़े आदि को धूप में सुखाएं वर्ना नमी की वजह से उसमें पैदा हुई दुर्गंध एलर्जी का कारण बन सकती है। तौलिए के इस्तेमाल के बाद उसे धूप में फैलाएं। घर के किसी सदस्य को एलर्जी की समस्या हो तो पौधों को कमरे की बजाय बालकनी या बगीचे में ही लगाना उचित होगा। एलर्जी की तकलीफ होने पर जाले उतारते समय या झाड़ू लगाते हुए मुंह पर कपड़ा जरूर बांध लेना चाहिए।
रसोई को रखें साफ -
कुछ लोगों को खाना बनाते समय मसाले आदि से भी एलर्जी की दिक्कत हो सकती है। इससे बचाव के लिए किचन में एग्जॉस्ट फैन या रोशनदान की व्यवस्था की जानी चाहिए। घर में लगे पर्दों को भी केवल दीवाली पर ही न धोएं। हर पांच से छह माह में इनकी भी धुलाई का ध्यान रखें। घर में रखे फूलदान या फर वाले डेकोरेटिव आइटम्स की भी साफ-सफाई का खयाल रखकर एलर्जी से बचा जा सकता है।
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