सफेद कद्दू (कुम्हेड़ा) या पेठे को पूरे भारत में अलग-अलग तरह से खाया जाता है। दक्षिण में जहां इसकी सब्जी बनाई जाती है वहीं उत्तर भारत में इससे तैयार पेठा खाया जाता है। जानते हैं इसके फायदों के बारे में।
तनाव घटेगा : इसे ब्रेन फूड कहते हैं क्योंकि यह तनाव घटाकर मिर्गी, उत्तेजना व भ्रम आदि को नियंत्रित करता है।
पेट रहेगा फिट : यह पेट के एसिड को कम कर अल्सर व जलन में आराम पहुंचाता है। सफेद कद्दू का एक गिलास ताजा रस पीने से किडनी की पथरी में आराम मिलता है। इसमें मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसकी पत्तियों को खरोंच या चोट पर लगाने से घाव जल्दी भरता है।
मोटापा नहीं सताएगा : सफेद कद्दू में 96 प्रतिशत पानी होता है। यह अधिक कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थों का बेहतर विकल्प है जो वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। दुबले लोग भी इससे स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।
उपलब्धता: सफेद कद्दू की फसल 24-31 डिग्री सेल्सियस के बीच उगाई जाती है। जिसका प्रयोग सर्दी के दिनों में किया जाता है। इसकी खेती तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के भरतपुर व अलवर जिले में की जाती है।
फायदे ही फायदे : वनौषधि विशेषज्ञ शंभू शर्मा के अनुसार आयुर्वेद में सफेद कद्दू का प्रयोग चटनी व पाक के रूप में किया जाता है। अगर छह माह तक इसे काटा न जाए तो भी यह खराब नहीं होता। आगरा का मशहूर पेठा इसी कद्दूू से बनाया जाता है।
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