हम जब किसी मीटिंग में या वॉशरूम से दूर होते हैं तो यूरिन रोकना मजबूरी हो जाता है लेकिन बार-बार ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। यूरिनरी ब्लैडर शरीर का बहुत छोटा गोल अंग है। जिसकी दीवार इतनी लचीली होती है कि यह अपशिष्ट के साथ फैल जाती है। किडनी से निकलने वाला तरल यहां इकट्ठा होता है। यूरिनरी ब्लैडर आधा भरने पर दिमाग को संकेत मिलते हैं। ज्यादा देर पेशाब रोकने से मूत्रमार्ग में संक्रमण हो सकता है।
पेशाब रोकने पर यूरेथ्रा (ब्लैडर से बाहर यूरिन निकासी की ट्यूब) के मुंह पर बैक्टीरिया इकट्ठा होकर खतरा बढ़ाते हैं। हर किसी की यूरिनरी ब्लैडर की संवेदनशीलता अलग होती है। यह निर्भर करती है कि क्या खाया या क्या पीया। पेशाब रोकने से ब्लैडर फैलता है व संवेदी प्रणाली अधिक सक्रिय हो जाती है और बार-बार पेशाब के लिए जाने की जरूरत महसूस होती है। यही संक्रमण के लक्षण हैं। लंबे समय तक पेशाब रोकने से दर्द होता है, जिसे पेनफुल ब्लैडर सिंड्रोम कहते हैं। इसलिए वेगों को रोकने से बचें।
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