प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने व पेशाब संबंधी परेशानियों में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां फायदेमंद हो सकती हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
कचनार :
यह प्रोस्टेट सहित शरीर में होने वाली सभी प्रकार की गांठों की सूजन और दर्द को दूर करने में उपयोगी है। कचनार की छाल का चूर्ण आधे से एक चम्मच की मात्रा में या इसकी छाल का काढ़ा 50-50 मिलिलीटर की मात्रा में सुबह-शाम लें।
पुनर्नवा :
शरीर में रक्त की वृद्धि करके व रसायन (टॉनिक) गुणों के कारण यह शरीर का नव निर्माण करती है इसलिए इसे पुनर्नवा कहते हैं। प्रोस्टेट, मूत्र प्रणाली व शरीर की सूजन को दूर करने में यह जड़ी-बूटी काफी उपयोगी है।
गोखरू :
यह प्रोस्टेट और मूत्र मार्ग के संक्रमण को दूर करने में लाभकारी है। इससे पेशाब खुलकर आता है। यह मूत्राशय की पथरी को टुकड़े-टुकड़े कर पेशाब के रास्ते से बाहर निकाल देता है। गोखरू का काढ़ा 50-50 मिलिलीटर की मात्रा में या 3-6 ग्राम चूर्ण की मात्रा को सुबह-शाम पानी से लें।
नाेट - काेर्इ भी इलाज डाॅॅॅक्टर की सलाह से लें।
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